Chaar Yaar Review: दोस्ती, क्राइम और पुराने मुंबई की पुरानी यादों का शानदार मेल है यह सीरीज
प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'चार यार' दोस्ती, क्राइम और नब्बे के दशक के मुंबई की कहानी पेश करती है।
Chaar Yaar Review: क्या है इस सीरीज की कहानी
प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज 'चार यार' दोस्ती, क्राइम और पुराने मुंबई के अनूठे मेल पर आधारित है। विनय वकुल द्वारा निर्देशित यह सीरीज चार ऐसे बचपन के दोस्तों की कहानी है जो मुंबई के मिडिल क्लास इलाके से ताल्लुक रखते हैं। इनमें साहिल, समीर, टोनी और जय शामिल हैं।
कार चोरी से शुरू होता है सफर
कहानी में मोड़ तब आता है जब जय के पिता की तबीयत खराब हो जाती है और इलाज के लिए दोस्तों को बीस लाख रुपये की जरूरत पड़ती है। साहिल स्थानीय गैंगस्टर इम्तियाज अंकल से बीस लाख का उधार लेता है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्रिकेट मैच में दस लाख रुपये का दांव लगाकर हार जाता है। इस संकट से निकलने के लिए चारों यार गाड़ियां चुराने का फैसला करते हैं, जिसके बाद उनका सामना मुंबई के खतरनाक अंडरवर्ल्ड से होता है.
गैंगस्टर्स की लंबी फौज और नब्बे का दशक
साल 2001 के दौर पर आधारित इस सीरीज में नब्बे के दशक की पुरानी यादों को ताजा करने की कोशिश की गई है। इसमें पेजर्स, सीआरटी टीवी और पुरानी मुंबई की झलक देखने को मिलती है। सीरीज में कई जाने-माने गैंगस्टर्स और कलाकारों को दिखाया गया है, जैसे शरद नागरे के रूप में चंकी पांडे, बाबू चौहान के रूप में दिव्येंदु भट्टाचार्य, मुथु के रोल में भगवती पेरुमल और कोकीन करीम के रूप में नासिर नजर आते हैं। इसके अलावा साईं ताम्हणकर ने एक ईमानदार पुलिस इंस्पेक्टर सुमति भालेराव की भूमिका निभाई है।
कैसी है यह सीरीज
आठ एपिसोड की यह सीरीज दोस्ती की मिसाल पेश करती है। हालांकि कुछ जगहों पर यह थोड़ी लंबी जरूर लगती है और इसे छह एपिसोड में समेटा जा सकता था, लेकिन कुल मिलाकर यह एक हैप्पी एंडिंग के साथ दर्शकों का मनोरंजन करती है। आप इसे प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।