फिल्म 'प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्जवल निकम' में आतंकवादी अजमल कसाब का किरदार निभाने वाले अभिनेता ललित प्रभाकर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के संवेदनशील विषय पर काम करना और किसी किरदार को मानवीय रूप देना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था।
कसाब को एक इंसान के रूप में दिखाना था मकसद
ललित प्रभाकर ने कहा कि फिल्मों में अक्सर ऐसे किरदारों को सिर्फ एक ही भावना से प्रेरित खलनायक के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन कसाब का किरदार उससे अलग था। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य दर्शकों को यह दिखाना था कि कसाब भी एक इंसान था, जिसे किस तरह से ब्रेनवाश किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस फिल्म में किसी का पक्ष लिए बिना कहानी को सही तरीके से पेश किया गया है, जिसका पूरा श्रेय लेखकों और निर्देशक को जाता है।
ऑडिशन और किरदार की तैयारी
अपने चयन के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने बताया कि कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया था। उन्होंने कोर्टरूम के दृश्यों और कबूलनामा वाले सीन का ऑडिशन दिया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत फाइनल कर लिया गया। ललित ने कहा कि यदि उन्हें इस किरदार पर कोई संदेह होता, तो उनके लिए इसे निभाना बहुत मुश्किल हो जाता, लेकिन उन्हें कहानी पर पूरा विश्वास था।
26/11 की रात को याद कर जताई लाचारी
26/11 के मुंबई हमलों की रात को याद करते हुए ललित ने कहा कि उस दौरान उन्हें अत्यधिक लाचारी और गुस्से का अनुभव हुआ था। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा की कल्पना करना भी मुश्किल है और यह स्वीकार करना कठिन था कि ऐसा कुछ हमारे अपने शहर में हो सकता है।
