बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज कुमार अपनी अनूठी शैली और बेबाक अंदाज के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। निर्देशक मेहुल कुमार, जिन्होंने उनके साथ 'मार्टे दम तक', 'जंगबाज' और 'तिरंगा' जैसी फिल्मों में काम किया है, ने लेजेंड्री एक्टर से जुड़े कई खास और अनसुने किस्से साझा किए हैं।
राजाओं की तरह जिए और वैसे ही विदा हुए
राज कुमार के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके मेहुल कुमार बताते हैं कि वे दिल के बहुत साफ थे और हमेशा वही बोलते थे जो उनके दिल में होता था। उनका व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली था और वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीते थे।
फिल्म तिरंगा और नाना पाटेकर से जुड़ा किस्सा
फिल्म 'तिरंगा' के दौरान नाना पाटेकर को कास्ट करने का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। मेहुल कुमार ने जब नाना पाटेकर को इस कमर्शियल फिल्म के लिए राजी किया, तो नाना ने एक शर्त रखी थी कि अगर सेट पर राज कुमार का कोई हस्तक्षेप हुआ तो वे काम छोड़कर चले जाएंगे। हालांकि, शूटिंग के दौरान दोनों के बीच की दूरियां खत्म हो गईं और वे अच्छे दोस्त बन गए।
अंतिम यात्रा को नहीं बनाना चाहते थे तमाशा
राज कुमार का निधन 3 जुलाई 1996 को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार बेहद शांत और गोपनीय तरीके से किया गया था। उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम यात्रा कोई तमाशा न बने, इसलिए उनके निधन और अंतिम संस्कार की खबर परिवार ने बेहद करीबी लोगों तक ही सीमित रखी थी।
