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लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में बनी फिल्म 'बर्ड्स ऑन आइस', जानिए इसकी अनूठी कहानी

लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड और माइनस तापमान के बीच बनी पहली फिक्शन फिल्म 'बर्ड्स ऑन आइस' इन दिनों चर्चा में है।

लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में बनी फिल्म 'बर्ड्स ऑन आइस', जानिए इसकी अनूठी कहानी

लद्दाख अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन गर्मियों के मुकाबले यहां की सर्दियां बेहद कठिन और अलग होती हैं। इसी खूबसूरत लेकिन बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल में साहिल एच शाह ने अपनी पहली फीचर फिल्म 'Birds On Ice' बनाई है। ज्यादातर लोग इसे डॉक्यूमेंट्री समझते हैं, क्योंकि लद्दाख की सर्दियों में सेट की गई यह पहली फिक्शन फिल्म है।

फिल्म की कहानी और मुख्य किरदार

यह फिल्म ताशी नाम की एक युवा लद्दाखी लड़की की कहानी है, जो अपने दादा के साथ रहती है और अपने माता-पिता के लौटने का इंतजार कर रही है। ताशी की जिंदगी में एक नया मोड़ तब आता है जब वह खुले मैदान में कुछ बच्चों को आइस हॉकी खेलते देखती है। वह भी खेलना चाहती है, लेकिन उसके पास आइस स्केट्स खरीदने के पैसे नहीं हैं और उसके दादा भी इसे अफोर्ड नहीं कर सकते। फिल्म में ताशी का किरदार समजांग स्किटन ने निभाया है और उनके दोस्त नोरबु का किरदार कुंगा चोसक्याब ने निभाया है।

शूटिंग के दौरान आई चुनौतियां

लद्दाख में सर्दियों के दौरान शूटिंग करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। तापमान -15 से -20 डिग्री तक गिर जाता था। ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच बंबई से आई 15 लोगों की टीम ने इस कड़कड़ाती ठंड में काम किया। दिन छोटे होते थे और सुबह साढ़े आठ या नौ बजे धूप निकलने पर शूटिंग शुरू करनी पड़ती थी, क्योंकि शाम चार बजे ही अंधेरा होने लगता था। बैटरी को गर्म रखने के लिए उबलते पानी की केतली का इस्तेमाल करना पड़ता था।

आइस हॉकी का अनोखा रोमांच

निर्देशक साहिल एच शाह ने बताया कि उन्हें चादर ट्रेक के दौरान लद्दाख में आइस हॉकी का खेल देखने को मिला था, जिसने उन्हें काफी आकर्षित किया। फिल्म में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी पद्मा चोरल ने कोच पामी का किरदार निभाया है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद लद्दाख के स्थानीय लोगों और कलाकारों ने इस फिल्म को बेहद सहज और स्वाभाविक बना दिया है।

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